आने दो अपने पास, मत रोको मुझे
न जाने फिर तुम कब कहाँ मिलो देख गुजरता मुझे अपने करीब से
जो भी है बस यही है
जानना भी नहीं चाहता
गलत है या फिर सही है
चाहता हूँ बस तुम को देखता हीं रहूँ
ख़ुशी ऐसी महसूस कहीं और होती नहीं है
गुजरते वक़्त में उम्र गुजरती चली जाएँगी
गुजरते वक़्त में उम्र गुजरती चली जाएँगी
चलेंगी साथ कुछ यादें कुछ पीछे छूट जाएँगी
मान कर इतना अब चल चूका हूँ मैं
कहूँगा जब अलविदा इस दुनिया को
कोई साथ हो न हो, यादें जरूर साथ निभाएँगी
