दिखता है मुझको
दूर शितिज पे
घना अंधियारा आगे बढ़ता हुआ
आगोश में ले मेरी हस्ती मिटाने
खुद ही खुद में मचलता हुआ
मुझ पर विजय की चाहत में
समझ कर बेखबर मुझको
चला आरहा मुस्कराते
गरज गरज हुँकार भरता हुआ
खड़ा हूँ तैयार मै भी, सीना ताने
देख रह हूँ उस को.
आंधी बिजली के साथ
नमन कर वीरता को उसके और कर के प्रणाम
गर्व कर खुद पे, कर थोडा अभिमान
यूद्ध को तैयार हूँ,
लडूंगा आज एक वीर से, मुस्कुराता हुआ
आज सनेगी मिटटी उसके हर एक बूंद से
या रंगेगी लाल मेरे बदन से खून से
ये मेरा सौभाग्य है, लड़ रहा हूँ एक माहन बलवान से
हठी हूँ मै , लड़कर मिट जाऊंगा, अंतिम सासें गिनता हुआ
दिखता है मुझको दूर शितिज पे
घना अंधियारा आगे बढ़ता हुआ
आगोश में ले मेरी हस्ती मिटाने
खुद ही खुद में मचलता हुआ
घना अंधियारा आगे बढ़ता हुआ
आगोश में ले मेरी हस्ती मिटाने
खुद ही खुद में मचलता हुआ
मुझ पर विजय की चाहत में
समझ कर बेखबर मुझको
चला आरहा मुस्कराते
गरज गरज हुँकार भरता हुआ
खड़ा हूँ तैयार मै भी, सीना ताने
देख रह हूँ उस को.
आंधी बिजली के साथ
पल
पल करीब आगे
बढ़ता हुआ
महासंग्राम
से पहलेनमन कर वीरता को उसके और कर के प्रणाम
गर्व कर खुद पे, कर थोडा अभिमान
यूद्ध को तैयार हूँ,
लडूंगा आज एक वीर से, मुस्कुराता हुआ
आज सनेगी मिटटी उसके हर एक बूंद से
या रंगेगी लाल मेरे बदन से खून से
ये मेरा सौभाग्य है, लड़ रहा हूँ एक माहन बलवान से
हठी हूँ मै , लड़कर मिट जाऊंगा, अंतिम सासें गिनता हुआ
दिखता है मुझको दूर शितिज पे
घना अंधियारा आगे बढ़ता हुआ
आगोश में ले मेरी हस्ती मिटाने
खुद ही खुद में मचलता हुआ
